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पेट में हो रहा है दरà¥à¤¦ असलियत में लेबर पेन है या फॉलà¥à¤¸ अलारà¥à¤®, यहां जानें दोनों का अंतर
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी की आखिरी तिमाही यानी 6 से 9 महीने के दौरान जब शरीर डिलिवरी के लिठतैयार हो रहा होता है उस दौरान कई बार पेट में दरà¥à¤¦ और संकà¥à¤šà¤¨ होता है और लगता है कि लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ हो गया। लेकिन डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाओ तो पता चलता है कि ये फॉलà¥à¤¸ अलारà¥à¤® है। तो दोनों के बीच अंतर को कैसे पहचानें, यहां जानें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पूरे 9 महीने का सफर à¤à¤²à¥‡ ही आसानी से कट जाठलेकिन आखिरी के कà¥à¤› दिन जैसे-जैसे डिलिवरी की डà¥à¤¯à¥‚ डेट नजदीक आने लगती है तो उन दिनों को काटना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। à¤à¤¸à¤¾ लगता है कि बस अब किसी तरह बचà¥à¤šà¤¾ जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ बाहर आ जाà¤à¥¤ यह समय à¤à¤• तरफ जहां बचà¥à¤šà¥‡ को देखने की खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤¾ होता है, वहीं दूसरी तरफ आपके मन में लेबर पेन का डर à¤à¥€ होता है। इस दौरान पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला के साथ-साथ उसके घरवाले à¤à¥€ अलरà¥à¤Ÿ मोड में रहते हैं और जरा सा पेट में दरà¥à¤¦ हà¥à¤† नहीं कि किसी à¤à¥€ तरह का रिसà¥à¤• लेने की बजाठतà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास पहà¥à¤‚च जाते हैं। इनमें से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मौकों पर तो यह दरà¥à¤¦ लेबर पेन से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है लेकिन कई बार यह फॉलà¥à¤¸ अलारà¥à¤® à¤à¥€ हो सकता है।
लेबर पेन के दौरान पेट में होता है संकà¥à¤šà¤¨
अगर आप रियल लेबर पेन और फॉलà¥à¤¸ लेबर पेन के बीच कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है इस बारे में खà¥à¤¦ को à¤à¤œà¥à¤•ेट कर लेंगी, इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी इकटà¥à¤ ा कर लेंगी तो आपके साथ-साथ घरवालों की à¤à¥€ काफी à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बच जाà¤à¤—ी और आपको बार-बार हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के चकà¥à¤•र नहीं लगाने पड़ेगें। तो आखिर कैसे पहचानें कि आपके पेट में हो दरà¥à¤¦ असलियत में लेबर पेन है या नहीं, कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ यानी संकà¥à¤šà¤¨ हकीकत में हो रहे हैं या फिर ये सिरà¥à¤« à¤à¤• फॉलà¥à¤¸ अलारà¥à¤® है जिसे बà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ à¤à¥€ कहते हैं। दोनों के बीच कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है और इसे कैसे पहचानें, यहां जानें।
सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ (सिजेरियन) डिलिवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ ये 7 बातें हैं à¤à¥‚ठ, जानें उनका सच
1-
हकीकत: सिजेरियन या सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ सबसे बड़ा मिथक यही है कि इस दौरान किसी तरह का दरà¥à¤¦ नहीं होता। आप नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी करवाà¤à¤‚ या फिर सी-सेकà¥à¤¶à¤¨, बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने में दरà¥à¤¦ होता ही है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की मानें तो चूंकि ऑपरेशन के दौरान आपको à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है इसलिठउस दौरान आपको à¤à¤²à¥‡ ही दरà¥à¤¦ महसूस ना हो लेकिन à¤à¤• बार à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का असर खतà¥à¤® हो जाता है उसके बाद आपको दरà¥à¤¦, तकलीफ और असहजता महसूस होती है जो करीब 10-15 दिनों तक रहता है।
2-
हकीकत: गाइनैकॉलजिसà¥à¤Ÿ डॉ जयंती कामत कहती हैं कि बहà¥à¤¤ से लोगों के मन में ये à¤à¥à¤°à¤® होता है कि चूंकि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ में ऑपरेशन से बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® हà¥à¤† है इसलिठमहिला की डिलिवरी तो हà¥à¤ˆ ही नहीं। लेकिन ये बात पूरी तरह से गलत है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब बचà¥à¤šà¤¾ महिला के शरीर से बाहर आया तो महिला की डिलिवरी हà¥à¤ˆà¥¤ इस बात से कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता कि डिलिवरी वजाइना के जरिठनॉरà¥à¤®à¤² तरीके से हà¥à¤ˆ या फिर यूटà¥à¤°à¤¸ में चीड़ा लगाकर ऑपरेशन के जरिà¤à¥¤
3-
हकीकत: इसमें कोई शक नहीं कि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ या सिजेरियन डिलिवरी à¤à¤• बड़ी सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है जिसमें पेट का ऑपरेशन करके यूटà¥à¤°à¤¸ से बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर निकाला जाता है। इन दिनों सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के इतने जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ केसेज हो रहे हैं कि डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ à¤à¥€ इस दौरान पूरी सावधानी बरतते हैं और यह पूरी तरह से सेफ à¤à¥€ है। डिलिवरी के बहà¥à¤¤ से केसेज में तो सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ बेहद जरूरी हो जाता है और यह मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की लाइफ बचाने का काम करता है। अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¤à¥€ तरह के रिसà¥à¤• के बारे में पहले ही बता देते हैं तो सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी सेफ मानी जाती है।
4-
हकीकत: आपकी डिलिवरी कैसे हà¥à¤ˆ है, नॉरà¥à¤®à¤² या ऑपरेशन से इस बात का आपकी बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करवाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर किसी तरह का कोई असर नहीं होता। इन दिनों जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ में सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी के लिठजनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ की जगह à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है। इसलिठसी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद आप à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी वाली महिलाओं की ही तरह बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करवा सकती हैं।
5-
हकीकत: आमतौर पर महिलाओं के मन में यही डर रहता है कि अगर à¤à¤• बार उनकी सिजेरियन डिलिवरी हो गई तो उसके बाद दूसरी डिलिवरी à¤à¥€ उनकी सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ ही होगी। लेकिन यह बात à¤à¥€ पूरी तरह से सच नहीं है। सिजेरियन के बाद वजाइनल बरà¥à¤¥ करना है या नहीं इसका फैसला कई फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ पर निरà¥à¤à¤° करता है। जैसे- सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के दौरान कितने टांके लगे थे, कितनी बार सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ हो चà¥à¤•ा है, किसी तरह की कोई मेडिकल कंडिशन है या नहीं आदि। लेकिन ये नामà¥à¤®à¤•िन नहीं है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी हो सकती है।
6-
हकीकत: नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी के बाद मां की रिकवरी जलà¥à¤¦à¥€ हो जाती है लेकिन सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ में चूंकि मेजर सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है और टांके लगे होते हैं इसलिठरिकवरी में थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लगता है। लेकिन सिजेरियन डिलिवरी करवाने की वजह से मां या बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद अगर नई मां अपनी रिकवरी का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न रखे तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आगे चलकर सेहत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› दिकà¥à¤•तें हो सकती हैं।
7-
हकीकत: जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को यही लगता है कि चूंकि महिला ने नैचरल तरीके से बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® नहीं दिया है और ऑपरेशन से डिलिवरी हà¥à¤ˆ है इसलिठमां और बचà¥à¤šà¥‡ के बीच बॉनà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग डिवेलप नहीं हो पाती। लेकिन यह बात सच नहीं है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद à¤à¥€ मां की बचà¥à¤šà¥‡ के साथ बॉनà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग उतनी ही सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤— होती है जितनी नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी में।
फॉलà¥à¤¸ लेबर पेन (बà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸) में कैसा दरà¥à¤¦ होता है?
- कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ रेगà¥à¤¯à¥à¤²à¤° नहीं होता यानी थोड़ी देर के लिठहोता है और फिर गायब हो जाता है
- कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ à¤à¤²à¥‡ ही आपको असहज महसूस करवाà¤à¤‚ लेकिन इसमें बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज और असहनशील दरà¥à¤¦ नहीं होता
- चलने, उठने-बैठने या पानी पीने पर दरà¥à¤¦ कम हो जाता है
- अगर आपको लेबर पेन नहीं हो रहा और ये दरà¥à¤¦ फॉलà¥à¤¸ है तो आपको सिरà¥à¤« पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ महसूस होगा, लोअर बैक (कमर) में नहीं
- जैसे-जैसे कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ होंगे गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ की मूवमेंट à¤à¥€ बढ़ जाà¤à¤—ी
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के इन 10 लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की न करें अनदेखी होगा नà¥à¤•सान
लेबर पेन से पहले शरीर में दिखते हैं ये लकà¥à¤·à¤£
आपका शरीर करीब à¤à¤• महीने पहले से रियल लेबर की तैयारियां करने लगता है। इस दौरान सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ यानी गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का मà¥à¤‚ह खà¥à¤²à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है, बचà¥à¤šà¤¾ पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸à¤¸ की तरफ नीचे की ओर बढ़ने लगता है, पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ और रेकà¥à¤Ÿà¤® पर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बढ़ने लगता है, à¤à¤• अजीब सा सेंसेशन फीले होने लगता है, कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ने लगती है। इस तरह के लकà¥à¤·à¤£ शरीर में नियमित रूप से दिखने लगते हैं जिससे शरीर रियल लेबर को लेकर पà¥à¤°à¤¿à¤ªà¥‡à¤¯à¤° होने लगता है।
सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ (सिजेरियन) डिलिवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ ये 7 बातें हैं à¤à¥‚ठ, जानें उनका सच
1-
हकीकत: सिजेरियन या सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ सबसे बड़ा मिथक यही है कि इस दौरान किसी तरह का दरà¥à¤¦ नहीं होता। आप नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी करवाà¤à¤‚ या फिर सी-सेकà¥à¤¶à¤¨, बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने में दरà¥à¤¦ होता ही है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की मानें तो चूंकि ऑपरेशन के दौरान आपको à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है इसलिठउस दौरान आपको à¤à¤²à¥‡ ही दरà¥à¤¦ महसूस ना हो लेकिन à¤à¤• बार à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का असर खतà¥à¤® हो जाता है उसके बाद आपको दरà¥à¤¦, तकलीफ और असहजता महसूस होती है जो करीब 10-15 दिनों तक रहता है।
2-
हकीकत: गाइनैकॉलजिसà¥à¤Ÿ डॉ जयंती कामत कहती हैं कि बहà¥à¤¤ से लोगों के मन में ये à¤à¥à¤°à¤® होता है कि चूंकि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ में ऑपरेशन से बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® हà¥à¤† है इसलिठमहिला की डिलिवरी तो हà¥à¤ˆ ही नहीं। लेकिन ये बात पूरी तरह से गलत है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब बचà¥à¤šà¤¾ महिला के शरीर से बाहर आया तो महिला की डिलिवरी हà¥à¤ˆà¥¤ इस बात से कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता कि डिलिवरी वजाइना के जरिठनॉरà¥à¤®à¤² तरीके से हà¥à¤ˆ या फिर यूटà¥à¤°à¤¸ में चीड़ा लगाकर ऑपरेशन के जरिà¤à¥¤
3-
हकीकत: इसमें कोई शक नहीं कि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ या सिजेरियन डिलिवरी à¤à¤• बड़ी सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है जिसमें पेट का ऑपरेशन करके यूटà¥à¤°à¤¸ से बचà¥à¤šà¥‡ को बाहर निकाला जाता है। इन दिनों सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के इतने जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ केसेज हो रहे हैं कि डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ à¤à¥€ इस दौरान पूरी सावधानी बरतते हैं और यह पूरी तरह से सेफ à¤à¥€ है। डिलिवरी के बहà¥à¤¤ से केसेज में तो सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ बेहद जरूरी हो जाता है और यह मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की लाइफ बचाने का काम करता है। अगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ सà¤à¥€ तरह के रिसà¥à¤• के बारे में पहले ही बता देते हैं तो सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी सेफ मानी जाती है।
4-
हकीकत: आपकी डिलिवरी कैसे हà¥à¤ˆ है, नॉरà¥à¤®à¤² या ऑपरेशन से इस बात का आपकी बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग करवाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर किसी तरह का कोई असर नहीं होता। इन दिनों जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ में सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी के लिठजनरल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ की जगह à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है। इसलिठसी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद आप à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी वाली महिलाओं की ही तरह बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करवा सकती हैं।
5-
हकीकत: आमतौर पर महिलाओं के मन में यही डर रहता है कि अगर à¤à¤• बार उनकी सिजेरियन डिलिवरी हो गई तो उसके बाद दूसरी डिलिवरी à¤à¥€ उनकी सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ ही होगी। लेकिन यह बात à¤à¥€ पूरी तरह से सच नहीं है। सिजेरियन के बाद वजाइनल बरà¥à¤¥ करना है या नहीं इसका फैसला कई फैकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ पर निरà¥à¤à¤° करता है। जैसे- सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के दौरान कितने टांके लगे थे, कितनी बार सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ हो चà¥à¤•ा है, किसी तरह की कोई मेडिकल कंडिशन है या नहीं आदि। लेकिन ये नामà¥à¤®à¤•िन नहीं है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद à¤à¥€ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी हो सकती है।
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हकीकत: नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी के बाद मां की रिकवरी जलà¥à¤¦à¥€ हो जाती है लेकिन सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ में चूंकि मेजर सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है और टांके लगे होते हैं इसलिठरिकवरी में थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लगता है। लेकिन सिजेरियन डिलिवरी करवाने की वजह से मां या बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत पर किसी तरह का कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद अगर नई मां अपनी रिकवरी का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न रखे तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आगे चलकर सेहत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› दिकà¥à¤•तें हो सकती हैं।
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हकीकत: जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को यही लगता है कि चूंकि महिला ने नैचरल तरीके से बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® नहीं दिया है और ऑपरेशन से डिलिवरी हà¥à¤ˆ है इसलिठमां और बचà¥à¤šà¥‡ के बीच बॉनà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग डिवेलप नहीं हो पाती। लेकिन यह बात सच नहीं है। सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ के बाद à¤à¥€ मां की बचà¥à¤šà¥‡ के साथ बॉनà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग उतनी ही सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤— होती है जितनी नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी में।
रियल लेबर पेन में कैसा दरà¥à¤¦ होता है?
- फॉलà¥à¤¸ लेबर के दौरान अगर आप अपनी पोजिशन बदल दें या चलने-फिरने लगें तो दरà¥à¤¦ कम हो जाता है या बंद हो जाता है जबकी रियल लेबर पेन के दौरान आप कैसी à¤à¥€ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ कर लें दरà¥à¤¦ बढ़ता ही जाता है।
- रियल लेबर पेन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ लोअर बैक यानी कमर में उठने वाले दरà¥à¤¦ से होती है जो धीरे-धीरे पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ तक पहà¥à¤‚चती है और कई बार तो पैर में दरà¥à¤¦ होने लगता है।
- कई बार तो लेबर पेन के साथ डायरिया à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
- लेबर पेन का कोई सेट पैटरà¥à¤¨ नहीं है लेकिन आमतौर पर कॉनà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¶à¤¨à¥à¤¸ बढ़ते जाते हैं, दरà¥à¤¦ लगातार होता रहता है और कम होने की बजाठबढ़ता जाता है।
- पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान होने वाला बचà¥à¤šà¤¾ फà¥à¤²à¥‚इड से à¤à¤°à¥‡ मेमà¥à¤¬à¥à¤°à¥‡à¤¨ से घिरा रहता है जिसे à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤à¤Ÿà¤¿à¤• सैक à¤à¥€ कहते हैं। लेबर पेन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के दौरान यह मेमà¥à¤¬à¥à¤°à¥‡à¤¨ फट जाता है जिसे वॉटर बà¥à¤°à¥‡à¤• होना à¤à¥€ कहते हैं और फिर फà¥à¤²à¥‚इड बाहर आने लगता है।
सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ (सिजेरियन) डिलिवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ ये 7 बातें हैं à¤à¥‚ठ, जानें उनका सच
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हकीकत: सिजेरियन या सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलिवरी से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ सबसे बड़ा मिथक यही है कि इस दौरान किसी तरह का दरà¥à¤¦ नहीं होता। आप नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी करवाà¤à¤‚ या फिर सी-सेकà¥à¤¶à¤¨, बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने में दरà¥à¤¦ होता ही है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की मानें तो चूंकि ऑपरेशन के दौरान आपको à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है इसलिठउस दौरान आपको à¤à¤²à¥‡ ही दरà¥à¤¦ महसूस ना हो लेकिन à¤à¤• बार à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का असर खतà¥à¤® हो जाता है उसके बाद आपको दरà¥à¤¦, तकलीफ और असहजता महसूस होती है जो करीब 10-15 दिनों तक रहता है।
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